उपरिशायी

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अपग्रेड फॉर श्योर "UFS" ऑफर

Airport Upgrades

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को प्रस्थान के 24 घंटे के भीतर बिज़नेस/प्रथम श्रेणी के लिए भुगतान कर पुष्टिकृत अपग्रेड प्राप्‍त करने में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्‍य सेअपग्रेडफॉर श्‍योर"UFS"ऑफर आरंभ किया जा रहा है।
विशेषताएं:

  • प्रस्थान के 24 घंटों के भीतर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पुष्टिकृत अपग्रेड टिकट।
  • एयरपोर्ट पर कोई प्रतीक्षा/अनिश्चितता नहीं।
  • बैगेज एलाउंस को छोड़कर अपग्रेड श्रेणी के सभी लाभ।
  • यात्रा की मूल श्रेणी के अनुसार बैगेज एलाउंस।
  • सिटी बुकिंग ऑफिस/ एयरपोर्ट टिकटिंग कार्यालयों के अतिरिक्त, ट्रैवल एजेंट्स भी टिकट फिर से जारी कर सकते हैं।
1. लागू:
  • यह सुविधा केवल उड़ान के प्रस्‍थान से 24 घंटे के भीतर उपलब्ध होगी।
  • एअर इंडिया द्वारा प्रचालित उड़ानों पर यात्रा के लिए केवल खरीदी गई 098 अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर लागू।
  • एफएफपी अवार्ड/इंटरलाइन टिकटों पर लागू नहीं।
  • केवल घरेलू यात्राओं (जिन यात्राओं में केवल घरेलू सेक्‍टर सम्मिलित हैं) पर लागू नहीं।
  • केवल पहले से जारी टिकटों पर "UFS" की अनुमति है।
2. लागू सेक्‍टर:
  • एआई नेटवर्क में एआई द्वारा प्रचालित सभी अंतरराष्ट्रीय सेक्‍टर।
  • यदि अंतरराष्‍ट्रीय यात्रा में घरेलू सेक्‍टर भी सम्मिलित है व दोनों उड़ानों की संख्‍या अलग-अलग है तो दोनों सेक्‍टरों के लिए गेट अपफ्रंट शुल्‍क लागू होगा
  • यदि घरेलू सह अंतरराष्ट्रीय उड़ान की उड़ान संख्‍या एक है तो यात्रा के मूल स्‍थान से गंतव्‍य तक गेट अपफ्रंट शुल्‍क लागू होगा।
  • घरेलू उड़ानों या अंतरराष्ट्रीय उड़ान की पूर्णत: घरेलू यात्रा पर "UFS" योजना लागू नहीं है।
3. विक्रय स्‍थान: एअर इंडिया के ग्‍लोबल नेटवर्क पर सिटी बुकिंग कार्यालय/एयरपोर्ट टिकटिंग कार्यालय और प्राधिकृत ट्रैवल एजेंसी । (वर्तमान में एअर इंडिया वेबसाइट/मोबाइल ऐप पर उपलब्ध नहीं है)

4. टिकट पुन: जारी कराना और किराए में अंतर:

मूल बुकिंग में परिवर्तन निम्‍नतम उपलब्ध बिज़नेस/प्रथम श्रेणी में किया जाना चाहिए।

  • इकोनॉमी से प्रथम श्रेणी के लिए "UFS" की अनुमति नहीं है।
  • वर्तमान लागू गेट अपफ्रंट शुल्‍क लेकर टिकट बिज़नेस/प्रथम श्रेणी में मैनुअली पुन: जारी की जानी चाहिए।
  • फ्री बैगेज एलाउंस में परिवर्तन की अनुमति नहीं है। मूल रूप से जारी की गई टिकट की श्रेणी के अनुसार सामान ले जाने की अनुमति होगी जबकि यात्रा उच्‍चतर श्रेणी में की जाएगी।
  • लागू गेट अपफ्रंट शुल्‍क बेस किराए में मैनुअली जोड़ा जाए।
  • गेट अपफ्रंट शुल्‍क एअर इंडिया वेबसाइट पर उपलब्ध है
  • मूल रूप से जारी आरबीडी/ किराया आधार के किराया नियम लागू होंगे अर्थात् पूरी टिकट पर मूल आरक्षित आरबीडी की शर्तें लागू हैं।
  • "UFS"राशि की धनवापसी नहीं की जाएगी
  • 5.जीएसटी: टिकट का विक्रय किसी भी स्‍थान से किया गया हो लेकिन यात्रा भारत से आरंभ हो रही है तोजीएसटी नियमोंकेअनुसार,अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पहले लेग के आधार पर पूरी टिकट के लिए जीएसटी का निर्धारण किया जाएगा

· चूंकि मूल टिकट इकोनॉमी श्रेणी में है, इसलिए जीएसटी 5% लिया जाएगा। तथापि, पुन: जारी की गई टिकट में यात्रा के पहले लेग पर बिज़नेस श्रेणी दर्शाया जाएगा अत: वापसी यात्रा के लिए भी 12% की दर से जीएसटी लागू होगा। यात्री को वापसी यात्रा पर भी अतिरिक्त जीएसटी का भुगतान करना अपेक्षित है।

6. बुकिंग और पुन: जारी करना: उच्चत्‍तर श्रेणी के लिए बुकिंग और टिकट पुन: जारी करने का कार्य तत्काल और एक साथ किया जाना चाहिए।
समय-सीमा के आधार पर उच्चत्‍तर श्रेणी में सीट को ब्‍लॉक करने की अनुमति नहीं है और इसमें किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगेगा।

7. RBDS पुन: जारी कराने की अनुमति:

    • सभी इकोनॉमी आरबीडी बिजनेस श्रेणी की "जेड", "जे" और "डी" बुकिंग श्रेणियों में अपग्रेड के लिए पात्र हैं।
    • सभी बिजनेस आरबीडी प्रथम श्रेणी की "ए" बुकिंग श्रेणी में अपग्रेड के लिए पात्र हैं।

8. धन वापसी/ संशोधन:
निम्नलिखित दिशानिर्देश लागू होंगे:
नो शो मामले में यात्री के लिए निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध हैं:
क) यदि यात्री पूरे टिकट की धनवापसी चाहता है तो:

  • UFS राशि की धनवापसी नहीं की जाएगी।
  • टिकट की धनवापसी निर्धारित किराया नियमों के अनुसार की जाएगी अर्थात् मूल रूप से जारी RBD / किराया आधार के किराया नियम लागू होंगे अर्थात् पूरी टिकट पर मूल रूप से आरक्षित आरबीडी की शर्तें लागू होंगी।

ख) यदि यात्री यात्रा की तिथि/मार्ग में परिवर्तन करना चाहता है तो यात्री अगले दिन यात्रा कर सकता है या यात्रा के सेक्‍टर में परिवर्तन कर सकता है, तथापि

  • UFS राशि की धनवापसी नहीं की जाएगी।
  • UFS राशि को बेस किराए में अंतर के लिए समायोजित किया जाएगा लेकिन जुर्माने की राशि के लिए इसका समायोजन नहीं किया जाएगा।

नोट:'' UFS" योजना के तहत टिकट जारी हो जाने पर किसी भी प्रकार का संशोधन/मूल्‍य निर्धारण मैनुअली किया जाएगा।
9. रद्दकरण शुल्क औरजुर्माना: मूल किराया आधार के अनुसार।
10 किराया नियम: मूल किराया आधार के किराया नियम लागू होंगे। अर्थात् पूरी टिकट पर मूल रूप से आरक्षित आरबीडी की शर्तें लागू होंगी।
11. योजना कीवैधता: तत्काल प्रभाव के साथ 31 दिसंबर 17 तक (एयरलाइन बिना किसी सूचना के योजना को समाप्‍त करने का अधिकार रखती है।)
12. सुविधाएं: बैगेज एलाउंस को छोड़कर सभी सुविधाएं, पुन: जारी कराई गई बुकिंग श्रेणी के अनुसार दी जाएंगी।
13. बच्चे /शिशु: पूरे अपग्रेड शुल्‍क का भुगतान लेकर बच्‍चे और शिशु को अपग्रेड फॉर श्‍योर की अनुमति है।
14. "अपग्रेड फॉर श्‍योर" ऑफर वर्तमान में जारी योजना गेट अप फ्रंट के अतिरिक्‍त है (भुगतान के आधार पर अपग्रेड एयपोर्ट पर उपलब्‍धता के अधीन है)।

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